
जशपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया जा रहा है। कुनकुरी तहसील के नारायणपुर स्थित कपरी नाला में 2 करोड़ 97 लाख रुपये की लागत से स्टॉप डैम का निर्माण कराया जा रहा है, जो अब अंतिम चरण में है। परियोजना पूरी होने पर क्षेत्र की करीब 150 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कृषि अधोसंरचना के विस्तार और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दे रही है। कपरी नाला में बन रहा स्टॉप डैम इसी पहल का हिस्सा है। इससे किसानों की मानसून पर निर्भरता कम करने और खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है।
सिंचाई का प्रतिशत बढ़कर 37.91 होने की उम्मीद
विभागीय जानकारी के अनुसार, स्टॉप डैम के निर्माण से लगभग 150 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में सिंचाई का प्रतिशत बढ़कर 37.91 तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। किसानों को आगामी कृषि सत्र 2027-28 से इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने से किसान समय पर फसलों को पानी दे सकेंगे। इससे बेहतर उत्पादन, फसल विविधीकरण और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के अवसर बढ़ेंगे। खासकर छोटे और सीमांत किसानों को इसका फायदा मिलने की संभावना है।
वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण को मिलेगा बढ़ावा
कपरी नाला में बन रहे स्टॉप डैम का उद्देश्य वर्षा जल को रोककर उसका उपयोग कृषि कार्यों में करना है। बारिश के दौरान बहकर निकल जाने वाले पानी का संचयन होने से स्थानीय जल संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भू-जल पुनर्भरण और जल स्तर में सुधार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना से ग्रामीणों की निस्तारी संबंधी जरूरतों के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर हो सकती है। इसके अलावा, कपरी नाला के आसपास स्थित शिव मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलने की संभावना है।
किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद
सिंचाई सुविधा का विस्तार होने से कृषि उत्पादन बढ़ाने और खेती से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। पानी की बेहतर उपलब्धता किसानों को फसलों की सिंचाई समय पर करने का अवसर देगी, जिससे कृषि गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
स्टॉप डैम का निर्माण अंतिम चरण में पहुंचने से क्षेत्र के किसानों में उम्मीद जगी है। किसानों को भरोसा है कि परियोजना पूरी होने के बाद सिंचाई संबंधी परेशानियां कम होंगी और खेती-किसानी को लाभ मिलेगा। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया है।



