
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) परिसर में पार्किंग ठेका कर्मियों की दबंगई और मनमानी का मामला सामने आया है। अस्पताल में उपचार कराने आए एक अस्वस्थ युवक के साथ पार्किंग कर्मचारियों द्वारा मारपीट किए जाने का गंभीर आरोप लगा है।
बाइक हटाने को लेकर हुआ विवाद…
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कबीर नगर निवासी विवेक कुर्रे अपनी अस्वस्थता के चलते माँ के साथ इलाज कराने एम्स पहुँचे थे। चिकित्सीय परामर्श के पश्चात जब वे लौटने लगे, तो रास्ते में पार्किंग कर्मी आयुष शर्मा की दुपहिया वाहन खड़ी थी। जब पीड़ित ने रास्ता बाधित होने पर गाड़ी हटाने का अनुरोध किया, तो बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारी ने अपने अन्य सहयोगियों (शरद लाल, विकास व अन्य) को बुला लिया और युवक के साथ हाथपाई शुरू कर दी।
बीच-बचाव करती रही माँ…
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक की माँ अपने बीमार बेटे को बचाने के लिए बार-बार गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपियों ने उनकी एक न सुनी और मारपीट करते रहे। घटना के बाद आरोपी मौके से चले गए। पीड़ित की शिकायत पर आमानाका थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, हालांकि पीड़ित पक्ष का कहना है कि गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए पुलिस को अधिक सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई करनी चाहिए थी।
अवैध वसूली और सुरक्षा पर सवाल
अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने शिकायत की है कि एम्स की पार्किंग व्यवस्था में लंबे समय से अनियमितताएँ और अवैध वसूली का बोलबाला है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि पार्किंग में बाहरी क्षेत्रों के लोगों को तैनात किया गया है, जो आए दिन तीमारदारों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कड़े कदम न उठाए जाने से आम जनता में असंतोष व्याप्त है।




