
रायपुर। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च और हजारों स्कूलों में कार्य कराने के दावों के बावजूद प्रदेश के कई जिलों में स्कूल भवनों की मरम्मत, जीर्णोद्धार और अतिरिक्त कक्ष निर्माण के काम अब भी अधूरे पड़े हैं।
अभिषेक मिश्रा के अनुसार, अगस्त 2023 में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत 2,133 करोड़ रुपये की लागत से 29 हजार से अधिक स्कूलों में विभिन्न निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराने की घोषणा की गई थी। वहीं मार्च 2023 के विधानसभा रिकॉर्ड में प्रदेश के करीब 11 हजार जर्जर विद्यालयों को चिन्हित किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
उन्होंने कहा कि योजना के आंकड़ों और जमीनी स्थिति में अंतर दिखाई दे रहा है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का उदाहरण देते हुए मिश्रा ने बताया कि 920 स्वीकृत कार्यों में से केवल 295 कार्य पूर्ण हुए थे, जबकि 545 कार्य अधूरे बताए गए थे। उनके मुताबिक, यह स्थिति योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
जांच के आदेश के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं?
अभिषेक मिश्रा ने कहा कि जुलाई 2024 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर वर्ष 2022-23 में स्वीकृत स्कूल जतन योजना के कार्यों की जांच के आदेश दिए गए थे। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से कलेक्टरों को विशेषज्ञ समितियों के माध्यम से कार्यों की औचित्य, आवश्यकता, पूर्णता और निर्माणाधीन कार्यों की स्थिति की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि जांच के आदेश के दो वर्ष बाद भी जिलेवार अंतिम जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता संबंधी कमी सामने आई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी भी सरकार को सार्वजनिक करनी चाहिए।
मैनपुर और दुर्गूकोंदल के हालात पर सवाल
AAP नेता ने गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि नवंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार 114 स्वीकृत कार्यों में केवल 17 कार्य पूर्ण हुए थे, जबकि 97 कार्य अधूरे पाए गए। उन्होंने दावा किया कि एक प्राथमिक शाला के अतिरिक्त भवन के लिए 14 लाख रुपये स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं हुआ और भवन का काम पूरा कराने के लिए पालकों को चंदा जुटाने की स्थिति बनी।
इसी तरह कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना सहित अन्य मदों से 163 जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए करीब 6.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने के बावजूद कार्य अधूरे रहने का आरोप लगाया गया है।
सरकार से चार प्रमुख सवाल
अभिषेक मिश्रा ने राज्य सरकार से पूछा कि मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत स्वीकृत कुल कार्यों में कितने कार्य पूर्ण हुए, कितने लंबित हैं और कितने अब तक शुरू ही नहीं किए गए। उन्होंने जुलाई 2024 में दिए गए जांच आदेश की जिलेवार रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने यह भी पूछा कि जांच के दौरान कितने कार्यों में गुणवत्ता संबंधी खामियां मिलीं और कितनी राशि की वित्तीय अनियमितता सामने आई। साथ ही अधूरे या दोषपूर्ण कार्यों के बावजूद भुगतान करने वाले अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की।
AAP ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब स्वीकृत राशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ हो और बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर स्कूल भवन की सुविधा समय पर मिल सके।




