देश
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उत्तरकाशी में बादल फटा या टूटी झील? धराली में आए सैलाब पर क्या बोले विशेषज्ञ
नई दिल्ली. उत्तरकाशी के धराली गांव में खीरगंगा नदी के सैलाब के साथ आए मलबे में लाशों की खोजबीन जारी…
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3 Years of Sita Ramam! Celebrating Mrunal Thakur’s Layered Portrayal in the Heartwarming Tale of Love and Heart
Actress Mrunal Thakur starred in the 2022 film Sita Ramam and made everyone feel the beauty of love as well…
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‘Sirra’ के बाद, गुरु रंधावा ने एक और नए चेहरे के साथ मिलकर अपना लेटेस्ट गाना ‘Azul’ किया लॉन्च
‘Sirra’ के बाद, गुरु रंधावा ने एक और नए चेहरे के साथ मिलकर अपना लेटेस्ट गाना ‘Azul’ लॉन्च किया है।…
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TMC की अंदरूनी कलह जारी, कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा की जुबानी जंग तेज
तृणमूल कांग्रेस के भीतर गहराती खींचतान ऐसे समय उजागर हुई है जब कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में चीफ व्हिप के…
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बिहार SIR को लेकर सियासी तूफान, विपक्ष तो गरजा लेकिन EC में अब तक नहीं पहुंची कोई शिकायत
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है, लेकिन अभी तक किसी भी…
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प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति अध्यक्ष शिवम द्विवेदी ने हर घर तिरंगा लगाने की अपील की
हरदोई। प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवम द्विवेदी ने स्वतंत्रता दिवस पर हर घर तिरंगा लगाने की…
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भारत की एक महिला में मिला अबतक का सबसे दुर्लभ Blood Group CRIB
दुनिया का सबसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप भारत की एक महिला में मिला है. इस रक्त समूह का नाम CRIB है.…
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सावन के आखिरी दिन यानी सावन पूर्णिमा पर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है. बहन-भाई के अटूट संबंध का प्रतीक यह पर्व साल 2025 में अगस्त महीने में पड़ेगा. इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र, सुरक्षा और खुशहाली की कामना करेंगी. भाई भी बहनों की रक्षा का वादा करेंगे. रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय धागे की सामग्री का भी महत्व होता है. कब मनाया जाएगा रक्षाबंधन? हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त 2025 को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से शुरू हो रही है, जो 9 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा. रेशम या सूत? अक्सर देखा जाता है कि रक्षाबंधन के लिए सबसे पारंपरिक और आम धागा रेशम या सूत का होता है. रेशम की राखी को अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह पवित्रता, कोमलता और प्रेम का प्रतीक है. रेशम की राखी नरम होती है, जो रिश्तों की नाजुकता और मजबूती दोनों को दर्शाती है. सूत या रेशम की राखी पहनने से भाई की रक्षा का आशीर्वाद मिलता है और यह परंपरा से जुड़ी एक सुंदर अभिव्यक्ति होती है. चांदी की राखी शुभ या अशुभ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चांदी का संबंध चंद्रमा से हो गया है, इसलिए जिन भाइयों की कुंडली में चंद्र दोष हो उनकी बहनें चांदी की राखी बांधें तो इस दोष से मुक्ति मिल सकती है, इसलिए चांदी की राखी बांधना शुभ होता है. चांदी शीतलता और मानसिक शांति का प्रतीक है, जो मनोवैज्ञानिक रूप से भी भाई को सुकून देती है. सोने की राखी शुभ या अशुभ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोना सदैव से धन, समृद्धि और वैभव का प्रतीक रहा है. सोने की राखी भी खास अवसरों पर बहनें अपने भाइयों को बांधती हैं. सोने की राखी न केवल भाई के लिए बहन के गहरे स्नेह को दर्शाती है, बल्कि यह उसकी उन्नति और खुशहाली की कामना भी करती है. इसलिए, शास्त्रों में सोने की राखी बांधना शुभ माना जाता है.
पटना। राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने दावा किया कि उनका नाम इलेक्शन कमीशन द्वारा बिहार के…
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टिम कुक का ऐलान, अब तक 300 करोड़ आईफोन बिक चुके
वाशिंगटन । 2007 में स्टीव जॉबस द्वारा पेश किया गया आईफोन तब से आज तक तकनीकी दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित…
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शिवपुरी में सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बचाई 500 जिंदगियां, सम्मान के साथ दी विदाई
शिवपुरी: मध्य प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है. अधिकांश जगह बारिश का कोटा जुलाई में ही फुल…
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