
रायपुर। राजधानी रायपुर के लाखे नगर ईदगाह भाटा क्षेत्र से धमतरी जिले की ओर ले जाए जा रहे चावल को लेकर मामला सामने आया है। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग के प्रदेश प्रवक्ता अफरोज ख्वाजा की सूचना पर भखारा पुलिस ने मामले की जांच करते हुए चावल जब्त करने की कार्रवाई की। चावल को वाहन क्रमांक CG-04-PK-6332 में ले जाए जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में लाखे नगर ईदगाह भाटा स्थित दुकानदार सोहेल खोखर की दुकान से चावल लोड किए जाने की सूचना के बाद जांच की मांग उठी है।
जानकारी के अनुसार, अफरोज ख्वाजा ने भखारा थाना पुलिस को सूचना दी थी कि लाखे नगर ईदगाह भाटा क्षेत्र से कथित सरकारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का चावल धमतरी जिले की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले में जांच और जब्ती की कार्रवाई की। बताया गया है कि वाहन चालक के पास चावल से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। हालांकि, चावल के सरकारी पीडीएस का होने और उसके स्रोत की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
गौरतलब है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में यदि सरकारी राशन का अवैध भंडारण, खरीद-बिक्री या परिवहन किया जाता है, तो यह गंभीर मामला हो सकता है। इसलिए यह पता लगाना जरूरी है कि जब्त चावल कहां से आया, उसे किसने वाहन में लोड कराया और धमतरी ले जाने का उद्देश्य क्या था।
अफरोज ख्वाजा ने संबंधित मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में सरकारी राशन के दुरुपयोग या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों के हक के राशन की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
फिलहाल, मामले में पुलिस और संबंधित खाद्य विभाग की जांच महत्वपूर्ण है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि जब्त चावल पीडीएस का था या नहीं तथा उसके भंडारण और परिवहन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई थी या नहीं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




