
रायपुर/दीव । रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के वरिष्ठ सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि विकसित भारत के निर्माण के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ देश में खेल संस्कृति को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन-दीव के संसदीय अध्ययन दौरे के दौरान दीव में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने शिक्षा और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में केंद्र सरकार के विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, केंद्र शासित प्रदेश के शिक्षा निदेशालय, नवोदय विद्यालय समिति, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

खेल सुविधाओं के लिए CSR फंड के इस्तेमाल पर जोर
बृजमोहन अग्रवाल ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के CSR फंड का प्रभावी इस्तेमाल खेलों के विकास के लिए करने की बात कही। उन्होंने कहा कि CSR राशि से आधुनिक खेल मैदान, सिंथेटिक ट्रैक, खेल उपकरण और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जा सकते हैं।
उनका कहना है कि देश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत उन्हें बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की है।

PM श्री स्कूलों का किया निरीक्षण
अध्ययन दौरे के दौरान सांसद ने दीव स्थित PM श्री जवाहर नवोदय विद्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल सुविधाओं, विज्ञान प्रयोगशालाओं, खेल परिसर और छात्रावास व्यवस्था का जायजा लिया।
उन्होंने PM श्री योजना को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को देश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना जरूरी है।

छत्तीसगढ़ के 211 स्कूलों का भी किया उल्लेख
बैठक में छत्तीसगढ़ में PM श्री योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी साझा की गई। सांसद ने बताया कि योजना के पहले चरण में राज्य के 211 स्कूलों को PM श्री स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे दो लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इन स्कूलों में ICT लैब, स्मार्ट क्लासरूम और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक दौर के कौशल से जोड़ा जा रहा है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर जोर
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों को समान प्राथमिकता देनी होगी।
उन्होंने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था युवाओं को ज्ञान और कौशल प्रदान करेगी, जबकि खेल संस्कृति उन्हें अनुशासन, नेतृत्व और प्रतिस्पर्धा की भावना से जोड़ेगी। यही दोनों क्षेत्र देश की युवा शक्ति को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बना सकते हैं।




