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छत्तीसगढ़ में खुलेंगे क्रिटिकल मिनरल्स के नए दरवाजे, 5 ब्लॉक्स की होगी नीलामी

मुख्यमंत्री साय बोले- खनिज निकालने तक सीमित नहीं रहेगा लक्ष्य, पूरी वैल्यू चेन विकसित कर निवेश और रोजगार को देंगे बढ़ावा

रायपुर । छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक खनिज उत्पादन से आगे बढ़ते हुए क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स के क्षेत्र में अपनी नई पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है। नवा रायपुर में आयोजित क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की आठवीं किश्त के रोड शो में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों से राज्य में उपलब्ध खनिज संभावनाओं का लाभ उठाने और सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ खनिजों का उत्खनन करना नहीं, बल्कि अन्वेषण से लेकर प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और रिसाइक्लिंग तक पूरी मिनरल वैल्यू चेन को छत्तीसगढ़ में विकसित करना है। इससे राज्य में नए उद्योग आएंगे, निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

छत्तीसगढ़ के 5 खनिज ब्लॉक्स नीलामी में शामिल

केंद्र सरकार की आठवीं किश्त की नीलामी में देश के सात राज्यों के कुल 20 क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स शामिल हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के पांच ब्लॉक्स हैं।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों से इन ब्लॉक्स की नीलामी में हिस्सा लेने की अपील करते हुए कहा कि यह सिर्फ खनिज ब्लॉक हासिल करने का अवसर नहीं, बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़ने का बड़ा मौका है।

छत्तीसगढ़ में लिथियम, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, ग्रेफाइट, वैनेडियम, गैलियम, निकेल, क्रोमियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाएं मौजूद हैं।

रक्षा से लेकर AI और इलेक्ट्रिक वाहनों तक बढ़ेगी मांग

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आने वाले समय में क्रिटिकल मिनरल्स देश की आर्थिक और सामरिक ताकत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। इनका इस्तेमाल रक्षा उपकरणों, इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लीन एनर्जी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में होता है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर रणनीतिक खनिजों की सप्लाई चेन को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। ऐसे में भारत के लिए इन संसाधनों में आत्मनिर्भरता हासिल करना आर्थिक विकास के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है।

खदान से उद्योग तक, प्रदेश में बनेगी पूरी वैल्यू चेन

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से केवल कच्चा खनिज बाहर भेजने के बजाय उसका प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन राज्य में ही किया जाना चाहिए। इससे खनिज संपदा का वास्तविक आर्थिक लाभ प्रदेश और स्थानीय लोगों को मिलेगा।

नवा रायपुर में एआई आधारित डेटा सेंटर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर जैसे प्रोजेक्ट इसी दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

खनिज राजस्व 16 हजार करोड़ रुपये के पार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य बनने के समय छत्तीसगढ़ का खनिज राजस्व करीब 400 करोड़ रुपये था। ढाई वर्ष पहले यह लगभग 12 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

उन्होंने कहा कि खनिजों से मिलने वाले राजस्व का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य विकास कार्यों के साथ खनन प्रभावित क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में किया जा रहा है।

40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट, 2,800 किमी से ज्यादा सर्वे

खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में राज्य में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं और 2,800 किलोमीटर से अधिक जियोलॉजिकल सर्वे पूरा किया जा चुका है।

राज्य में अब तक 65 खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की जा चुकी है। विभाग के मुताबिक, इनसे लगभग 4 लाख करोड़ रुपये के संभावित राजस्व की उम्मीद है।

ई-रेत संगवारी और टिन पोर्टल की शुरुआत

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ई-रेत संगवारी पोर्टल और टिन पोर्टल का शुभारंभ भी किया।

ई-रेत संगवारी के जरिए प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रियायती दर पर रेत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने का प्रयास है। वहीं टिन पोर्टल के माध्यम से दंतेवाड़ा क्षेत्र में टिन से जुड़े आदिवासी परिवारों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है।

सीएमडीसी के दो अहम समझौते

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) ने इंडियन ओवरसीज बैंक और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ दो महत्वपूर्ण एमओयू किए।

बैंक के साथ समझौते से वित्तीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, जबकि विश्वविद्यालय के साथ एमओयू के जरिए कोरन्डम कटिंग और पॉलिशिंग के क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण को गति दी जाएगी।

केंद्र ने बताया- 56 ब्लॉक्स की हो चुकी सफल नीलामी

केंद्रीय खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने बताया कि देश में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया के तहत अब तक 88 ब्लॉक्स की नीलामी शुरू की जा चुकी है, जिनमें 56 ब्लॉक्स की सफल नीलामी हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि भारत के पहले लिथियम युक्त खनिज ब्लॉक की नीलामी भी छत्तीसगढ़ के कटघोरा क्षेत्र से हुई है। उन्होंने राज्य में उपलब्ध खनिज संभावनाओं को निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।

सरकार का फोकस निवेश के साथ स्थानीय रोजगार पर

राज्य सरकार ने निवेशकों को आसान कारोबारी माहौल देने के लिए नई औद्योगिक नीति, सिंगल विंडो सिस्टम और विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहनों का उल्लेख किया। सरकार का दावा है कि खनिज क्षेत्र में निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार, तकनीकी कौशल और डाउनस्ट्रीम उद्योगों को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास खनिज संसाधन, ऊर्जा, भूमि, कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं। क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में निवेश के जरिए राज्य को देश की रणनीतिक मिनरल वैल्यू चेन का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य है।

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