
नई दिल्ली। देशभर में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है। सरकार की ओर से आयात की अनुमति देने, स्टॉक रखने की सीमा और जमाखोरी के खिलाफ सख्ती के बाद खुदरा बाजार में चीनी के औसत भाव में मामूली कमी दर्ज की गई है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को देश में चीनी की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत ₹64.33 प्रति किलो रही। 26 अगस्त को यह कीमत ₹65.05 प्रति किलो थी। यानी कुछ ही दिनों में कीमत में करीब 72 पैसे प्रति किलो की गिरावट आई है।
10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति
चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसके बाद एक्स-मिल कीमतों में करीब 20 फीसदी तक गिरावट आने की बात कही गई है। हालांकि, खुदरा बाजार में इसका असर अभी सीमित दिखाई दे रहा है।
एक साल में 39 फीसदी महंगी हुई चीनी
मौजूदा औसत खुदरा कीमत भले ही हाल के दिनों में घटी हो, लेकिन पिछले एक साल के मुकाबले चीनी अभी भी काफी महंगी है। आंकड़ों के अनुसार, चीनी की कीमत एक महीने पहले की तुलना में करीब 31 फीसदी और एक साल पहले के मुकाबले लगभग 39 फीसदी अधिक है।
आने वाले दिनों में और राहत की उम्मीद
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के मुताबिक, आपूर्ति से जुड़े सरकारी कदमों और बाजार की स्थिति में सुधार का असर अब कीमतों पर दिखाई देने लगा है। संगठन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में चीनी के भाव में और नरमी आ सकती है। त्योहारी मांग सामान्य होने और नई चीनी बाजार में आने के बाद कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना जताई गई है।
यानी फिलहाल चीनी के दाम में मामूली राहत मिली है, लेकिन खुदरा कीमतें अभी भी पिछले महीनों के मुकाबले काफी ऊंची बनी हुई हैं।



