संसद में गतिरोध जारी, राहुल गांधी से मिले किरेन रिजिजू; क्या अमित शाह देंगे बयान?

नई दिल्ली(वीएनएस)।राज्यसभा ने उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने वाले महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी। वहीं, राम मंदिर चंदा घोटाले और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर विपक्षी दलों के लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी, जिससे संसदीय कार्य बाधित रहा।
बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। आज भी विपक्ष ने संसद में अपना विरोध जारी रखा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी सांसदों से सदन को सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया और कांग्रेस, सीपीआई और समाजवादी पार्टी पर राम मंदिर चंदा घोटाले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 लोकसभा में बिना किसी चर्चा के ध्वनि मत से पारित हो गया। वहीं, संसद ने उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश समेत न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के प्रावधान वाले विधेयक को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी। राज्यसभा ने उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को चर्चा के बाद ध्वनिमत से लौटा दिया। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है।
आज क्या हुआ
राज्यसभा में बुधवार को अन्नाद्रमुक के नेता डा. एम थंबीदुरै ने मद्रास उच्च न्यायालय का नाम बदलकर तमिलनाडु पर करने की मांग करते हुए कहा कि 2016 में तमिलनाडु विधानसभा ने इस बारे में केंद्र से अनुरोध करते हुए एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया था।
राज्यसभा में बुधवार को भाजपा के सतपाल शर्मा ने जम्मू कश्मीर से आज ही के दिन अनुच्छेद 370 हटाये जाने का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसके कारण केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को केंद्र की हर योजना का लाभ मिल रहा है और वह देश के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रहा है। शून्यकाल में भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतपाल शर्मा ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज एक ऐसा दिन है जिसका इंतजार जम्मू कश्मीर ही नहीं बल्कि पूरे देश के लोग दशकों से कर रहे थे।
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा में कुछ ज्यादा काम नहीं हो सका और प्रश्नकाल एवं शून्यकाल नहीं चल सके। वे अयोध्या में राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठा रहे थे और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की अपनी मांग दोहरा रहे थे। राज्यसभा में भी यही हंगामा देखने को मिला।




