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गर्मी के कारण पिघल रहा है हिमलिंग, तेजी से घट रहा है बाबा बर्फानी

मानवीय गतिविधियों और गर्मी से पिघल रही बर्फ

पवित्र शिवलिंग के आकार में आई इस तेजी से गिरावट की मुख्य वजह बढ़ता तापमान और इंसानी हलचल को माना जा रहा है। गुफा के भीतर और आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने के कारण वहां का वातावरण थोड़ा गर्म हो जाता है। इसी गर्मी की वजह से गुफा की छत से टपकने वाला पानी उस तेजी से जम नहीं पा रहा है, जितनी तेजी से इसे जमना चाहिए। इसके साथ ही शिवलिंग की चौड़ाई भी पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है।

कैसे बनता है यह अनोखा हिम शिवलिंग

अमरनाथ गुफा में बनने वाला यह शिवलिंग कोई सामान्य जमी हुई बर्फ नहीं है। विज्ञान की भाषा में इसे प्राकृतिक आइस स्टैलेग्माइट कहा जाता है। आम पाठकों के लिए इसे आसान भाषा में समझें तो यह एक ऐसी प्राकृतिक संरचना है, जो गुफा की छत से बूंद-बूंद करके गिरने वाले पानी के नीचे जमीन पर जमते जाने से बनती है। जैसे-जैसे पानी गिरता जाता है, बर्फ की एक मीनार जैसी आकृति ऊपर की तरफ बढ़ती जाती है। हर साल मौसम के बदलाव, ठंड और पानी की मात्रा के हिसाब से ही इस शिवलिंग का आकार तय होता है।

यात्रा के पहले ही दिन उमड़ा भक्तों का सैलाब

इस बीच अमरनाथ यात्रा के दूसरे दिन भी भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ है। यात्रा के पहले दिन ही करीब 12 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन किए। भक्तों का दूसरा जत्था भी दर्शन के लिए पहुंच चुका है, जबकि तीसरा जत्था भगवती नगर मुख्य कैंप से पवित्र गुफा की ओर रवाना कर दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं।

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