छत्तीसगढ़राज्य

राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मिलेगी नई दिशा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के रायपुर उत्तर जिला संयोजक बने संकल्प राजकमल

राजिम। छात्र शक्ति को राष्ट्र शक्ति में रूपांतरित करने के महान उद्देश्य के साथ कार्यरत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अपने संगठनात्मक विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए युवा कार्यकर्ता संकल्प राजकमल को रायपुर उत्तर जिला संयोजक का दायित्व सौंपा है। यह घोषणा राजिम में आयोजित परिषद के प्रांतीय अभ्यास वर्ग के दौरान की गई, जहां संगठन के नवीन दायित्वों एवं आगामी कार्ययोजनाओं की औपचारिक घोषणा की गई।

संगठन द्वारा सौंपा गया यह दायित्व केवल एक पद नहीं, बल्कि छात्र हितों, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है। परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संकल्प राजकमल की संगठनात्मक दक्षता, नेतृत्व क्षमता और वर्षों से किए जा रहे सतत कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदान की है।

संकल्प राजकमल का संगठनात्मक जीवन परिषद के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में प्रारंभ हुआ था। छात्र-छात्राओं के अधिकारों की रक्षा, शैक्षणिक समस्याओं के समाधान तथा राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए उन्होंने निरंतर सक्रिय भूमिका निभाई है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए संगठन की गतिविधियों को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की। उनकी कार्यशैली सदैव अनुशासन, समर्पण, परिश्रम और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा से परिपूर्ण रही है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अभ्यास वर्ग में उपस्थित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनके अब तक के योगदान की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में रायपुर उत्तर जिले में परिषद का संगठनात्मक विस्तार और अधिक प्रभावी एवं सशक्त रूप से होगा। साथ ही छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर परिषद की भूमिका और अधिक मुखर एवं परिणामोन्मुखी बनेगी।
नवीन दायित्व ग्रहण करने के पश्चात संकल्प राजकमल ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद का मूल मंत्र “राष्ट्र प्रथम, छात्र हित सर्वोपरि” उनके कार्यों का आधार रहेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता, युवाओं के व्यक्तित्व विकास तथा राष्ट्र निर्माण के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में युवाशक्ति ही राष्ट्र के भविष्य की सबसे बड़ी आधारशिला है। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित न रखते हुए सामाजिक चेतना, राष्ट्रीय मूल्यों और नेतृत्व क्षमता से भी जोड़ना आवश्यक है। परिषद इसी उद्देश्य के साथ कार्य कर रही है और आने वाले समय में रायपुर उत्तर जिले में छात्र हितों से जुड़े विविध आयामों पर व्यापक अभियान संचालित किए जाएंगे।

इस अवसर पर परिषद के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं शुभचिंतकों ने संकल्प राजकमल को नवीन दायित्व के लिए हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में संगठन नई ऊंचाइयों को स्पर्श करेगा तथा छात्र समाज के बीच परिषद की विचारधारा और कार्यों का प्रभाव और अधिक व्यापक होगा।

गौरतलब है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देश का सबसे बड़ा छात्र संगठन माना जाता है, जो शिक्षा, संस्कार, संगठन और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्यों को केंद्र में रखकर कार्य करता है। परिषद का मानना है कि संगठित और जागरूक छात्र शक्ति ही सशक्त भारत के निर्माण की आधारशिला है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रही है।

नवीन दायित्व के साथ संकल्प राजकमल के नेतृत्व में रायपुर उत्तर जिले में परिषद के कार्यों को नई गति और नई दिशा मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है। संगठन के कार्यकर्ताओं में भी इस घोषणा के बाद उत्साह का वातावरण देखा गया। परिषद के कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा— “न झुकेंगे, न रुकेंगे, छात्र शक्ति के लिए सदैव संघर्ष करेंगे।”

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