छत्तीसगढ़राज्यरायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘शौर्यांजलि’ कार्यक्रम में 50 अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का किया सम्मान

रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित ‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम में बस्तर में शांति और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले 50 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के परिजनों का सम्मान करते हुए उनके त्याग, साहस और राष्ट्रसेवा को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास की नई सुबह हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों ने केवल नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष नहीं किया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखी है।

शहीद परिवारों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अपनों को खोने की पीड़ा की भरपाई संभव नहीं है। शहीद जवान पूरे छत्तीसगढ़ और राष्ट्र का गौरव हैं। उनके परिवारों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार शहीद परिवारों के हर सुख-दुख में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और उनकी आवश्यकताओं का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखेगी।

नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को मिली निर्णायक सफलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र एवं राज्य सरकार ने नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए समन्वित प्रयास किए हैं। दुर्गम जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सहित अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना की।

हिंसा से विकास की ओर बढ़ रहा बस्तर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ने चार दशकों तक नक्सली हिंसा का दंश झेला। इस दौरान हजारों परिवार प्रभावित हुए और अनेक क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क तथा बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा।

अब सुरक्षा और शांति के बेहतर होते वातावरण में बस्तर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक बुनियादी सुविधाएं और जनकल्याणकारी योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं की प्रतिभा और जनजातीय संस्कृति को नई पहचान मिल रही है। सरकार का लक्ष्य बस्तर के प्रत्येक गांव और परिवार तक विकास का लाभ पहुंचाना है।

शहीदों के सपनों का बस्तर बनाना हमारा संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित बस्तर का निर्माण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। शहीदों के बलिदान से स्थापित शांति को स्थायी बनाना और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्होंने द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर की पहल की सराहना करते हुए कहा कि शहीद परिवारों के सम्मान और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का यह प्रयास समाज को प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में फाउंडेशन के संयोजक संदीप गुप्ता, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र सिंह दीवान, शहीद परिवारों के सदस्य, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने सभी अमर शहीदों को नमन करते हुए संकल्प व्यक्त किया कि बस्तर को शांति, सुरक्षा, विकास और खुशहाली की नई पहचान दिलाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

Related Articles

Back to top button