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ममता बनर्जी पर बरसे यूपी के सांसद जगदंबिका पाल

लखनऊ: बंगाल के चुनाव में बुरी तरह हारने के बावजूद ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार किया है। इस पर बीजेपी के सांसद जगदंबिका पाल ने उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्मरण कराया है। उन्होंने कहा है कि ममता बनर्जी संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ अराजकता फैला रही हैं।

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को करारी मात मिली है। बीजेपी ने भारी बहुमत हासिल किया है और वह बंगाल में पहली बार अपनी सरकार बनाने जा रही है।

ममता बनर्जी को चुनाव में मिली करारी हार
बंगाल की 294 में से 293 विधानसभा सीटों के चुनाव के नतीजे आ गए हैं। यहां एक सीट पर पुनर्मतदान होना है। चुनाव में बीजेपी को 207, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को 80, कांग्रेस को दो, आम जनता उन्नयन पार्टी को दो, सीपीआई (एम) को एक और आल इंडिया सेक्युलर फ्रंट को एक सीट पर जीत मिली है।

बंगाल में पिछले 15 साल से मुख्यमंत्री पद पर आसीन ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ‘मैं चुनाव नहीं हारी हूं, हमें हराया गया है।’ उन्होंने इस कारण मुख्यमंत्री पद त्यागने से इनकार कर दिया है।

जनादेश का अपमान कर रहीं ममता
ममता बनर्जी के इस रवैये पर उत्तर प्रदेश की डुमरियागंज लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद जगदंबिका पाल ने आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा है कि, ‘ममता बनर्जी अगर इस्तीफा नहीं देने की बात कह रही हैं तो यह बंगाल के जनादेश का अपमान है। जबकि इंडिया गठबंधन लोकतंत्र की रक्षा बात करता था। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष, भयमुक्त और एक तरह से स्वतंत्र चुनाव कराया। चुनाव के दौरान कोई हिंसा नहीं हुई, कोई एक जान नहीं गई। इसके बाद इस्तीफा न देने की बात करना…?’

क्या ममता को संविधान के आर्टिकल 172 का ज्ञान नहीं?
जगदंबिका पाल ने कहा कि, ‘वे संविधान की बात करती हैं तो उन्हें संविधान के आर्टिकल 172 का ज्ञान होना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 172 में है कि किसी राज्य विधानसभा की जिस दिन पहली बैठक होगी, तब से 5 साल ही वह विधानसभा रहेगी। पांच साल बाद उस विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। यह अनिवार्य है और संवैधानिक व्यवस्था है।’
उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री रह चुके पाल ने कहा कि, ‘सात तारीख को बंगाल विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। राज्यपाल को मुख्यमंत्री नियुक्त करने का अधिकार है। ममता बनर्जी इस तरह के बयान देकर सिर्फ अराजकता और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही हैं। इससे साफ साबित हो रहा है कि उनकी लोकतंत्र में भी कोई आस्था नहीं है।’

सीएम पद पर बरकरार नहीं रह सकतीं ममता
बंगाल में यदि ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देती हैं तो राज्यपाल को विधानसभा भंग करने का अधिकार है। गुरुवार, 7 मई को बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। इसके बाद 8 मई को विधानसभा भंग हो जाएगी। इस तरह सभी विधायकों की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी। यानी ममता बनर्जी इस्तीफा न भी दें तो भी वे मुख्यमंत्री नहीं रह जाएंगी और यह पद खाली माना जाएगा।

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