
काठमांडू: नेपाल में यूरेनियम की खोज उसके लिए जी का जंजाल बनता हुआ दिख रहा है। इसने नेपाल की राजनीति और कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि नेपाल के ऊपरी मुस्तांग क्षेत्र में यूरेनियम और दुर्लभ पृथ्वी खनिजों का विशाल भंडार है। कई सर्वेक्षणों में बताया गया है कि लोमानथांग क्षेत्र में 10 किमी लंबे और 3 किमी चौड़े इलाके में संभावित यूरेनियम भंडार मौजूद हैं। हालांकि, अभी तक यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं हुआ है कि ये खनिज व्यावसायिक रूप से उत्पादन की मात्रा तक उपलब्ध हैं या नहीं। हालांकि, अगर इसकी पुष्टि हो जाती है तो नेपाल वैश्विक भू-राजनीति में अहम देश बन सकता है।
काठमांडू: नेपाल में यूरेनियम की खोज उसके लिए जी का जंजाल बनता हुआ दिख रहा है। इसने नेपाल की राजनीति और कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि नेपाल के ऊपरी मुस्तांग क्षेत्र में यूरेनियम और दुर्लभ पृथ्वी खनिजों का विशाल भंडार है। कई सर्वेक्षणों में बताया गया है कि लोमानथांग क्षेत्र में 10 किमी लंबे और 3 किमी चौड़े इलाके में संभावित यूरेनियम भंडार मौजूद हैं। हालांकि, अभी तक यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं हुआ है कि ये खनिज व्यावसायिक रूप से उत्पादन की मात्रा तक उपलब्ध हैं या नहीं। हालांकि, अगर इसकी पुष्टि हो जाती है तो नेपाल वैश्विक भू-राजनीति में अहम देश बन सकता है।
नेपाल में यूरेनियम और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों की खोज राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक महत्व से गहराई से जुड़ा हुआ है। अगर ये कीमती खनिज पाए जाते हैं तो पारदर्शी तरीके से इनका निष्कर्षण करना होगा। दूसरी बात यह है कि इस खोज के कारण नेपाल अंतरराष्ट्रीय शक्तियों के बीच संवेदनशील जगह बनता जा रहा है। नेपाल पहले ही कई वैश्विक महाशक्तियों के बीच जंग का मैदान है, जिनमें भारत, चीन और अमेरिका शामिल हैं। ऐसे में खनिजों की खोज से नेपाल की अहमियत और ज्यादा बढ़ जाएगी और हर शक्तिशाली देश अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करेगा।
मुस्तांग इलाका नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित है। तिब्बत पर वर्तमान में चीन का कब्जा है। ऐसे में वह नजदीकी का फायदा उठाने की भरपूर कोशिश कर सकता है। चीन दुनिया के लगभग 70-80% दुर्लभ पृथ्वी खनिजों की आपूर्ति करता है, जिस पर पश्चिमी देशों की भारी और अनिवार्य निर्भरता है। यदि मुस्तांग में व्यावसायिक भंडार पाए जाते हैं, तो यह पश्चिमी राष्ट्रों, विशेष रूप से अमेरिका के लिए चीन पर अपनी निर्भरता कम करने का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करेगा। ऐसे में अमेरिका भी चाहेगा कि वह नेपाल पर अपना नियंत्रण स्थापित करे। नेपाल और भारत का रिश्ता तो रोटी-बेटी का पहले से ही है। ऐसे में भारत भी नेपाल में बड़ा खिलाड़ी बनने की कोशिश करेगा।




