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होर्मुज़ से भारत का बड़ा ऑपरेशन, 8 LPG जहाज़ बचाए, दुनिया में सबसे ज़्यादा रेस्क्यू!

क्या होर्मुज़ स्ट्रेट से 8 LPG जहाज़ निकालकर भारत ने सच में गैस संकट को टाल दिया है, या यह सिर्फ कुछ दिनों की राहत है? 11 दिनों की सप्लाई सुरक्षित होने के बावजूद, बढ़ता वैश्विक तनाव और इंपोर्ट पर निर्भरता क्या आने वाले समय में बड़ा झटका दे सकती है?

Hormuz Strait LPG Crisis: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) जैसे बेहद संवेदनशील इलाके से भारत ने 8 LPG जहाज़ों को सुरक्षित निकाल लिया है। यह किसी भी दूसरे देश के मुकाबले सबसे बड़ा ऑपरेशन माना जा रहा है। इस कदम से भारत ने न सिर्फ अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत की है, बल्कि 11 दिनों की LPG सप्लाई भी सुनिश्चित कर ली है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पिछले 40 दिनों में भारत ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से करीब 340 हजार टन LPG लेकर आ रहे 8 जहाज़ों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह संख्या किसी भी दूसरे देश से ज्यादा है। इससे भारत की सप्लाई चेन को बड़ा सहारा मिला। इस ऑपरेशन को रणनीतिक और समय पर लिया गया फैसला माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान क्षेत्र में सुरक्षा खतरे लगातार बढ़ रहे थे।

इन जहाज़ों के सुरक्षित निकलने से भारत की करीब 11 दिनों की LPG जरूरत पूरी हो सकती है। सरकार ने साफ किया है कि देश में फिलहाल LPG की कोई कमी नहीं है। सप्लाई पूरी तरह स्थिर बनी हुई है।आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब लोग गैस की संभावित कमी को लेकर चिंतित थे।

सरकार ने LPG वितरण के लिए 4-लेवल प्रायोरिटी सिस्टम लागू किया है। सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं को गैस दी जा रही है। जरूरी सेवाओं (जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट) को प्राथमिकता मिल रही है। कमर्शियल यूजर्स को सिर्फ 20% सप्लाई मिल रही है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों की रसोई पर कोई असर न पड़े।

भारत अपनी ऊर्जा रणनीति में बड़ा बदलाव कर रहा है। अमेरिका, कनाडा, अर्जेंटीना और नॉर्वे जैसे देशों से LPG खरीदने की तैयारी। सप्लाई के नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं। एक ही रूट (Hormuz) पर निर्भरता कम की जा रही है। क्योंकि भारत की कुल LPG जरूरत का करीब 60% हिस्सा आयात से आता है, और उसमें से भी 90% होर्मुज़ के रास्ते से आता है।

मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण कि कई जहाज़ों को रास्ता बदलना पड़ा। कुछ शिपमेंट में देरी हुई। सुरक्षा खतरे काफी बढ़ गए। इसके बावजूद भारत ने समय रहते अपने जहाज़ों को सुरक्षित निकालकर बड़ा संकट टाल दिया।

सरकार ने सिर्फ इंपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय देश के अंदर भी उत्पादन बढ़ाया है। LPG प्रोडक्शन में 40% तक बढ़ोतरी, रोज़ाना 50 लाख से ज्यादा सिलेंडर सप्लाई और डिलीवरी टाइम (2.5 दिन) भी पहले जैसा ही बना हुआ है। इससे सप्लाई चेन को मजबूत बैकअप मिला है।

होर्मुज़ संकट के बीच भारत का यह कदम दिखाता है कि देश अब ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क और मजबूत हो गया है। 8 जहाज़ बचाकर बड़ा जोखिम टाला गया। 11 दिन की सप्लाई सुरक्षित की गई। नए सप्लायर और रणनीति पर काम शुरू। अगर हालात और बिगड़ते हैं, तब भी भारत के पास अब पहले से बेहतर तैयारी है।

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