
रायपुर/छत्तीसगढ़. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर से पूर्व महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा एवं सम्मान को लेकर एक व्यापक जनजागृति अभियान “मिशन महिला शक्ति – महिला अधिकार, सुरक्षा एवं सम्मान महाअभियान” की शुरुआत 8 फरवरी 2026 से की जा रही है। यह अभियान उत्कल महिला महामंच, छत्तीसगढ़ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सावित्री जगत के नेतृत्व में राजधानी रायपुर से प्रारंभ होकर एक माह तक संचालित किया जाएगा।
यह महाअभियान विशेष रूप से राजधानी की झुग्गी बस्तियों में निवासरत वंचित एवं जरूरतमंद महिलाओं तक सीधा संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं को समझने तथा उन्हें उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाया जाएगा। अभियान के तहत उत्कल महिला महामंच की स्वयंसेविकाएं रायपुर की 100 से अधिक झुग्गी बस्तियों में जाकर हजारों महिलाओं से प्रत्यक्ष संपर्क करेंगी।
अभियान के प्रमुख उद्देश्य एवं गतिविधियाँ इस प्रकार हैं—
महिलाओं से सीधा संवाद कर उनकी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं को सुनना तथा उन्हें शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना।
घरेलू हिंसा अधिनियम, यौन उत्पीड़न से संरक्षण कानून, संपत्ति में महिला अधिकार जैसे महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी देकर महिलाओं को कानूनी रूप से सशक्त बनाना।
समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली एवं संघर्षशील महिलाओं का सम्मान कर अन्य महिलाओं को प्रेरित करना।
पूरे माह विभिन्न क्षेत्रों में नुक्कड़ सभाएं, महिला सम्मेलन एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित कर सामूहिक चर्चा के माध्यम से समाधान के प्रयास।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सावित्री जगत ने कहा कि,
“मिशन महिला शक्ति केवल जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि एक जमीनी आंदोलन है। हमारा उद्देश्य उन बहनों तक पहुंचना है जो आज भी अपने अधिकारों से अनजान हैं। हम उनकी आवाज बनकर उन्हें सशक्त करने और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि महिला सशक्तिकरण केवल नारा नहीं, बल्कि धरातल पर साकार हो।”
यह महाअभियान महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने, सुरक्षा का भरोसा दिलाने तथा सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक सशक्त और ठोस पहल है।




