छत्तीसगढ़राज्य

अंडमान-निकोबार में पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और नेट ज़ीरो पहल की समीक्षा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दिए अहम निर्देश

  • ₹620 करोड़ के पोर्ट प्रोजेक्ट्स में तेजी के निर्देश, स्वराज द्वीप पहुंचे सांसद बृजमोहन अग्रवाल

    ब्लू इकोनॉमी और ऊर्जा परिवर्तन पर फोकस: अंडमान-निकोबार में संसदीय समिति का अध्ययन दौरा

    पोर्ट कनेक्टिविटी से लेकर नेट ज़ीरो लक्ष्य तक: अंडमान-निकोबार में बृजमोहन अग्रवाल की सक्रिय भूमिका

 रायपुर | रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता, संसदीय स्थायी समिति (प्राक्कलन) के सदस्य श्री बृजमोहन अग्रवाल शुक्रवार को समिति के अध्ययन दौरे पर अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के स्वराज द्वीप (हैवलॉक) पहुंचे। इस दौरान पत्तन, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के प्रतिनिधियों, अंडमान-निकोबार प्रशासन तथा प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने देश में पोर्ट नेटवर्क से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विकास एवं कनेक्टिविटी की गहन समीक्षा की।  सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने द्वीपों की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि द्वीप समूह में पुरानी जेट्टियों के पुनर्निर्माण और पोर्ट विस्तार हेतु केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत ₹620 करोड़ की परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, ताकि समुद्री संपर्क सुदृढ़ हो, पर्यटन एवं व्यापार को गति मिले और ब्लू इकोनॉमी को नई दिशा मिले।

इसके पश्चात सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, तेल क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (PSUs), ONGC तथा स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ “पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा नेट ज़ीरो पहल” की समीक्षा की। इस अवसर पर पीएसयू प्रतिनिधियों ने अपने ऑपरेशन्स को डी-कार्बनाइज़ करने के रोडमैप पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के 2070 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य की प्राप्ति में ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका निर्णायक होगी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम सतत विकास के आदर्श स्थापित करेंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों के चलते अंडमान-निकोबार जैसे रणनीतिक द्वीपों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा, जिससे क्षेत्रीय प्रगति, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

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