कल्याण से 7 बांग्लादेशी गिरफ्तार

महात्मा फुले पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें छह महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। इस कार्रवाई ने पुलिस को भी चौंका दिया क्योंकि इनमें से तीन आरोपियों के पास भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन बांग्लादेशी नागरिकों का भारत में रहना पूरी तरह अवैध था। सबसे पहले पुलिस ने कल्याण स्टेशन परिसर से संदिग्ध गतिविधियों के चलते एक महिला को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुद को बांग्लादेशी नागरिक बताया और बताया कि वह अंबरनाथ के शिवाजी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक सोसाइटी में रहती है।
पुलिस उपायुक्त स्वप्निल भुजबल के नेतृत्व में टीम ने तुरंत उस सोसाइटी पर छापा मारा। वहां से कुल पांच महिलाएं और एक पुरुष पकड़े गए। इस तरह गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशियों की संख्या सात तक पहुंच गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इनमें से तीन-चार आरोपियों ने भारतीय आधार कार्ड भी बना लिए थे, जिससे उनकी पहचान पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पकड़े गए आरोपियों के पास से मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इन मोबाइलों की जांच में सामने आया कि आरोपी “बैट ऐप” के जरिए अपने रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क में रहते थे। बातचीत के लिए +88 कंट्री कोड का इस्तेमाल किया जाता था, जो बांग्लादेश का है। यह भी खुलासा हुआ है कि सात महीने पहले इनमें से एक आरोपी को पकड़ा गया था और उसे बांग्लादेश भेजा गया था, लेकिन वह फिर अवैध रूप से भारत में घुस आया।
पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों ने किस तरह आधार कार्ड बनवाए, इसके लिए विस्तृत जांच की जा रही है। इसमें फर्जी दस्तावेजों और बिचौलियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस साइबर सेल जब्त मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कर रही है ताकि उनके नेटवर्क और संपर्कों का पता लगाया जा सके।
यह मामला केवल अवैध प्रवेश का नहीं है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। क्योंकि विदेशी नागरिकों का आधार कार्ड हासिल कर लेना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के पकड़े जाने की संभावना जताई जा रही है।




