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आफत बन रही बारिश, मौतें, मलबा और मगरमच्छ बनीं सड़कें; बाढ़ से पहले ही बह गए वादे

राजस्थान में बारिश ने तबाही मचा रखी है। पिछले 24 घंटे में बाढ़, घरों की दीवारें गिरने और करंट लगने जैसे कई हादसों में 16 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। कोटा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और नागौर जैसे जिलों में सड़कों से लेकर घरों तक पूरा पानी-पानी हो गया है। कोटा की स्थिति ये है कि लोग घरों में कैद है तो कॉलोनियों की सड़कों पर मगरमच्छ घूमते दिखाई दे रहे है। स्थिति के अनियंत्रित होने के पीछे एक वजह यह भी है कि कोटा बैराज बांध के 12 गेट खोलने पड़े हैं। वहीं जोधपुर में ट्रेनों पर ब्रेक लग गया क्योंकि पटरियां जलमग्न हो गईं है। बारिश की वजह से आम जनजीवन अभी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

राजस्थान के अलावा एमपी, यूपी, हिमाचल और मुंबई में भी मूसलाधार बारिश ने कहर ढा रखा है। एमपी में नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। यूपी के चित्रकूट में उद्घाटन से पहले ही चार पुलों की सड़कें बह गईं। हिमाचल में 24 दिन में 105 मौतें हो चुकी हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन और भारी बारिश की चेतावनी दी है। बीकानेर, जोधपुर, कोटा, जयपुर में सतर्कता जरूरी है। वहीं UP के चित्रकूट जिले में बाल्मिक नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड भारी बारिश में बह गई।

कोटा में दो दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। रविवार और सोमवार को कुल 198 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे कॉलोनियों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। कई इलाकों में घरों के अंदर पानी घुस गया और लोग घरों में फंसे रह गए। सबसे चौंकाने वाली तस्वीरें तब सामने आईं जब रास्तों पर भरे पानी में मगरमच्छ तैरते हुए नजर आए। लोग सुबह दूध, सब्जी लेने तक बाहर नहीं निकल पाए। जलभराव के कारण कई दफ्तरों में उपस्थिति भी प्रभावित रही।

जोधपुर के पाली मारवाड़-बोमाडड़ा रेलवे खंड पर भारी बारिश के चलते रेल सेवाएं बाधित हो गईं। पटरियों के नीचे की मिट्टी बहने और जलभराव के कारण ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। मरम्मत कार्य के बाद देर रात ट्रायल ट्रेन 10 किमी/घंटा की रफ्तार से चलाई गई। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि बारिश थमने के बाद ट्रेनों की आवाजाही बहाल की जा रही है।

मौसम विभाग ने 17 जुलाई तक पूर्वी राजस्थान और 18 जुलाई तक पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, टोंक, जयपुर और नागौर में भारी वर्षा दर्ज की गई है। सड़कों, रेलवे ट्रैक और घरों में पानी भरने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं।

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