
रायपुर । छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव में लापरवाही को लेकर लोक निर्माण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शेरपार-मानपुर-कोहका सड़क के अधूरे एवं गुणवत्ताहीन निर्माण तथा सड़क की सतह उखड़ने के मामले में विभाग ने दो ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही सड़क के रखरखाव में लापरवाही के मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग बालोद के छह उप अभियंताओं को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण और जांच में सड़क निर्माण की गुणवत्ता, रखरखाव, सड़क सुरक्षा तथा निर्धारित मानकों के पालन में कमियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। दोनों ठेकेदारों को अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।
परफॉर्मेंस गारंटी के दौरान सड़क की हालत खराब
शेरपार-मानपुर-कोहका सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद भी सड़क की सतह क्षतिग्रस्त होने और रखरखाव में लापरवाही सामने आई है। उल्लेखनीय है कि यह सड़क अभी परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में है। इस अवधि में सड़क की गुणवत्ता और निर्धारित शर्तों के अनुरूप रखरखाव सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी होती है।
छह उप अभियंताओं से तीन दिनों में मांगा जवाब
सड़क के रखरखाव में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग बालोद के सभी छह उप अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संबंधित अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर अपना प्रतिवाद प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिकारियों के जवाबों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि प्रतिवाद संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग की इस कार्रवाई को सड़क निर्माण की गुणवत्ता, जवाबदेही और रखरखाव व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




