
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गरबा महोत्सव और दुर्गा पूजा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, सामाजिक एकता तथा मातृशक्ति के सम्मान के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा महोत्सवों और दुर्गा पूजा आयोजनों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
विभिन्न गरबा उत्सवों में हुए शामिल
मुख्यमंत्री ने माना बाजार सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति तथा सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा समिति के पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे हुकुम ललित महल में आयोजित ‘रास गरबा विथ भजन डांडिया’, रामबाग के रास गरबा कार्यक्रम, पचपेड़ी नाका स्थित राम मंगलम लॉन में आयोजित ‘सोरठी रंग रंगीलो’ नवरात्रि उत्सव तथा शंकर नगर के बीटीआई मैदान में आयोजित ‘संकल्प गरबा’ में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना का महापर्व है। गुजरात की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा गरबा आज पूरे देश में लोकप्रिय हो चुका है और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन गया है। भारत की विविधता में एकता की भावना हमारे पर्वों और उत्सवों के माध्यम से और मजबूत होती है।
महिलाओं का सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। नवरात्रि मातृशक्ति की गरिमा, सम्मान और समाज निर्माण में महिलाओं के योगदान को याद करने का अवसर है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होती हैं और निर्णय लेने में भागीदारी निभाती हैं, तब परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख पात्र माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा और घरेलू खर्चों के संबंध में निर्णय लेने में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के अवसर उपलब्ध कराना भी है। प्रदेश में 14 लाख महिलाओं के लखपति दीदी बनने की उपलब्धि महिला उद्यमशीलता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है। स्व-सहायता समूहों और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
देवी शक्तिपीठों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है। मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख देवी स्थलों के कारण प्रदेश की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान विशिष्ट है। नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा, डोंगरगढ़, रतनपुर और चंद्रपुर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रमुख देवी शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं मिलें और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।
विकास के साथ विरासत का संरक्षण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार भी आधुनिक विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं को संरक्षित करने के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि गरबा, दुर्गा पूजा और अन्य पारंपरिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करते हैं। विकास की यात्रा में परंपराओं और संस्कारों को सुरक्षित रखना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी विरासत से जुड़ी रहें।
बस्तर में शांति और विकास का नया दौर: केदार कश्यप
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए प्रयासों से बस्तर में शांति और विकास की नई संभावनाएं बनी हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर की बदलती तस्वीर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन को नई पहचान मिल रही है। शांति और विश्वास का वातावरण विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
गरबा आयोजनों में प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधानों में आकर्षक गरबा और डांडिया प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और पारंपरिक संगीत के बीच नागरिकों ने उत्साहपूर्वक पर्व मनाया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समितियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत बनाते हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सिंधी समाज के अमित चिमनानी एवं महेश दरयानी, दशा सोरठिया वाणिक समाज के नितिन ढोलकिया सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, आयोजन समितियों के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।




