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CM Helpline 1076: छत्तीसगढ़ में 2.31 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज, करीब 89% का हुआ निराकरण

रायपुर । छत्तीसगढ़ में आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 पर अब तक 2.31 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से 2.05 लाख से ज्यादा शिकायतों का निराकरण किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुल शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत का समाधान हो चुका है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे शुरुआती दौर का उत्साहजनक परिणाम बताते हुए अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से की सीधी बात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित सीएम हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचकर व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शिकायतों की स्थिति, विभागवार और जिलावार प्रदर्शन तथा शिकायतकर्ताओं से लिए जा रहे फीडबैक की जानकारी ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टरों से भी चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत कर पूछा कि उनकी समस्याओं का समाधान हुआ है या नहीं। कई नागरिकों ने अपनी शिकायतों पर हुई कार्रवाई के प्रति संतुष्टि जताई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिकायत बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति को वास्तव में राहत मिली है।

अब तक 2.31 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज

समीक्षा बैठक में बताया गया कि 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक हेल्पलाइन 1076 पर कुल 2,31,850 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 2,05,996 का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 25,854 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है। हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 1,500 से 2,000 शिकायतें दर्ज हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों के समाधान की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली वास्तविक राहत से तय होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों की नियमित निगरानी करने और लंबित मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा।

ट्रांसफॉर्मर बदलने से 80 से अधिक परिवारों को राहत

समीक्षा के दौरान गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के दमन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से करीब 80 से 85 परिवारों की बिजली आपूर्ति प्रभावित थी। स्थानीय स्तर पर समस्या हल नहीं होने पर उन्होंने हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के लगभग एक सप्ताह के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया और बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को लेकर संबंधित अधिकारियों की सराहना की और कहा कि बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान होना चाहिए।

आवास की दूसरी किस्त मिलने से आगे बढ़ा निर्माण

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के निवासी वीरेंद्र यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके मकान की दूसरी किस्त मिलने में देरी हो रही थी। इससे निर्माण कार्य प्रभावित था। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के करीब दस दिन बाद उनके बैंक खाते में 55 हजार रुपये की राशि पहुंच गई।

राशि मिलने के बाद वे अपने आवास का निर्माण आगे बढ़ा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और भुगतान में अनावश्यक देरी न हो।

नौ महीने से बंद पेंशन दोबारा शुरू

मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी तोरण साहू ने बताया कि उनकी माताजी को करीब नौ महीने से पेंशन नहीं मिल रही थी। हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की। इसके बाद पेंशन दोबारा शुरू हुई और लंबित राशि का भी भुगतान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन जरूरतमंद परिवारों, वृद्धजनों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है। पात्र लोगों को इसका लाभ पाने के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।

लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के निर्देश

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी अधिकारी के लिए कोई मामला सामान्य हो सकता है, लेकिन संबंधित नागरिक के लिए वही समस्या बड़ी परेशानी बन सकती है। राशन, पेंशन, बिजली, पेयजल और आवास से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाए, वहीं शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी या लापरवाही सामने आने पर जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

शिकायतों के विश्लेषण से सुधरेंगी नागरिक सेवाएं

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर मिलने वाली शिकायतों का विभागवार और विषयवार विश्लेषण किया जाए। यदि किसी योजना या सेवा से जुड़ी एक जैसी शिकायतें बार-बार सामने आती हैं, तो उनके मूल कारणों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए।

उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाना और शासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है।

दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाई जाएगी हेल्पलाइन की जानकारी

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग सहित दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ग्राम पंचायतों, उचित मूल्य की दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों में वॉल पेंटिंग सहित विभिन्न माध्यमों से 1076 की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि तकनीकी और प्रक्रियागत कमियों को दूर कर शिकायत दर्ज करने से लेकर समाधान और फीडबैक तक की पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि प्रदेश के हर नागरिक को इसका लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने का माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि नागरिकों की समस्याएं सुनी जाएं और उनका समय पर समाधान हो। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विभिन्न विभागों के सचिव और सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

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