
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप लागू होगी व्यवस्था, 0 31 जुलाई को आधार मानकर होगी आयु की गणना
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप प्रदेश के सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, अशासकीय तथा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध विद्यालयों में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रवेश प्रक्रिया में निर्धारित न्यूनतम आयु का पालन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 8 जुलाई 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ-एफएस) 2022 के प्रावधानों के अनुरूप यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के अनुरूप उचित आयु में विद्यालयी शिक्षा प्रारंभ कराना है।
31 जुलाई होगी आयु निर्धारण की आधार तिथि
आदेश के अनुसार प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थी की आयु की गणना 31 जुलाई को आधार मानकर की जाएगी। इसी तिथि तक निर्धारित न्यूनतम आयु पूरी करने वाले बच्चों को संबंधित कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।
कक्षावार न्यूनतम आयु
विभाग ने प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु भी निर्धारित कर दी है
- नर्सरी (प्री-स्कूल 1) – 3 वर्ष
- एलकेजी/प्री-स्कूल 2 – 4 वर्ष
- यूकेजी/प्री-स्कूल 3 – 5 वर्ष
- कक्षा पहली – 6 वर्ष
सभी प्रकार के स्कूलों में होगा पालन
यह निर्देश प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों, अनुदान प्राप्त विद्यालयों, निजी विद्यालयों तथा सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों पर लागू होंगे। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।
जिला शिक्षा अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी
स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा प्रवेश प्रक्रिया के दौरान निर्धारित आयु मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बदलाव
सरकार का मानना है कि छह वर्ष की आयु में पहली कक्षा में प्रवेश से बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा अधिक प्रभावी होगी और आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश में प्रवेश आयु की व्यवस्था को स्पष्ट और एकरूप बनाया गया है।




