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अहमदाबाद मेट्रो चरण-2(ए) को कैबिनेट की मंजूरी, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी होगी बेहतर: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के चरण-2(ए) को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे अहमदाबाद के शहरी परिवर्तन को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि परियोजना से विशेष रूप से एयरपोर्ट तक पहुंच बेहतर होगी और लोगों को तेज, सुगम तथा सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के चरण-2(ए) को मंजूरी मिलने से कनेक्टिविटी में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि यह विस्तार यातायात के दबाव को कम करेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के चरण-2(ए) को मंजूरी दी थी। इस चरण के तहत करीब 6.032 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो कॉरिडोर का विकास किया जाएगा। इसका उद्देश्य एयरपोर्ट तक निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना और उन प्रमुख आवासीय तथा व्यावसायिक क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना है, जहां वर्तमान में प्रभावी सार्वजनिक परिवहन सुविधा का अभाव है।

इस कॉरिडोर में कुल पांच स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें चार एलिवेटेड और एक अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल होगा। चरण-2(ए) के पूरा होने के बाद अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर में सक्रिय मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 77.63 किलोमीटर हो जाएगी। इस चरण के तहत आश्रम रोड, कोटेश्वर प्राचीन मंदिर, साबरमती नदी, सरदार नगर और एयरपोर्ट स्टेशन विकसित किए जाएंगे।

परियोजना की कुल लागत, जिसमें निर्माण अवधि के दौरान ब्याज (आईडीसी) भी शामिल है, 2,169.04 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह विस्तार अहमदाबाद के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य प्रमुख आवासीय और वाणिज्यिक केंद्रों को अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो कॉरिडोर से सुचारू रूप से जोड़ना है।

सरकार के अनुसार, यह परियोजना 2029 में प्रस्तावित विश्व पुलिस खेलों और 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विकास को भी बढ़ावा दे सकती है। इसके अलावा, बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी से पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे निवासियों और आगंतुकों दोनों को लाभ मिलेगा।

अहमदाबाद मेट्रो के चरण-2(ए) से निर्माण कार्य के चरम समय में लगभग 2,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं, परियोजना के संचालन और रखरखाव के दौरान करीब 500 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सरकार का मानना है कि यह परियोजना यातायात जाम कम करने, प्रदूषण घटाने और शहर में जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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