किश्तवाड़-धराली के बाद जम्मू के डोडा में भारी तबाही

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के थाथरी उप-मंडल में अचानक हुए बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कम से कम 10 से अधिक मकान तबाह हो गए हैं, जिससे इलाके में भय का माहौल पैदा हो गया है। अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं।
प्रशासन ने शाम तक भारी बारिश का चेतावनी जारी की है, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं। बादल फटने के बाद इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, और इसके कारण रास्तों पर पेड़ गिर गए तथा कई मकान क्षतिग्रस्त हुए। डोडा में इस प्राकृतिक आपदा के बाद कई घर पानी में बह चुके हैं और कुछ मकानों को गंभीर नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों की सालों की मेहनत और संपत्ति प्रकृति के इस प्रकोप का शिकार हो गई है। बर्बाद मकानों के कारण लोग अपना कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाकर बचाने के लिए मजबूर हैं।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग रामबन क्षेत्र में भारी भूस्खलन के कारण बंद कर दिया गया है। लगातार जोरदार बारिश और तेज हवाओं के चलते तवी नदी का पानी रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर गया है। नदी के किनारे बसे कई क्षेत्रों को प्रशासन ने पूरी तरह जलमग्न होने के कारण खाली करवा दिया है, ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके।
प्रशासन ने जनता से अनुरोध किया है कि वे इस मार्ग पर गैरज़रूरी यात्रा न करें और मौसम सामान्य होने तक घर के बाहर निकलने से बचें। भूस्खलन के कारण कटरा-शिवखोड़ी नेशनल हाईवे को बंद कर दिया गया है और ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट कर दिया गया है।
डीएसपी रियासी विशाल जम्वाल ने जानकारी दी कि लगातार बारिश के कारण बलवा सड़क प्रभावित हुई है। चिनाब नदी का पानी बढ़ रहा है, जिससे कुछ क्षेत्रों में जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे खतरनाक इलाकों में SDRF की टीमों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और गैर जरूरी रूप से घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी है।




