फुटबॉलर और क्रिकेटर ‘स्पोर्ट्स ब्रा’ क्यों पहनते हैं? जानें इसके पीछे का साइंस

नई दिल्ली: खेल के मैदान पर खिलाड़ियों को अक्सर एक तरह का खास चेस्ट वेस्ट पहनकर ट्रेनिंग करते हुए देखा जाता है. दिखने में ये एक तरह से स्पोर्ट्स ब्रा की तरह लगता है. खास तौर पर फुटबॉलर और क्रिकेट में तेज गेंदबाज इसे पहनकर ट्रेनिंग करते और खेलते हैं. ऐसे में सवाल ये है कि आखिरी इस तरह के स्पोर्ट्स ब्रा का इस्तेमाल क्यों किया जाता है और इसके पीछे का साइंस क्या है.
बता दें कि आज खेल सिर्फ मैदान तक ही सिमित नहीं रह गया है. खिलाड़ी बेशक मैदान पर खेलते हैं, लेकिन बाहर बैठे कोच और ट्रेनर उन्हें हर सेकंड उनके बारे में एनालिसिस करते हैं. उनके मुवमेंट को ट्रैक करते हैं, जिससे प्लेयर के परफॉर्मेंस लेवल में किसी तरह की कमी नहीं आए. यही कारण है कि स्पोर्ट्स साइंस की मदद से खिलाड़ियों की क्षमता को बढ़ाने के लिए कई तरह के उपकरण बनाए जा रहे हैं. उसी में से एक है स्पोर्ट्स ब्रा या फिर कहें चेस्ट वेस्ट.
खिलाड़ी क्यों पहनते हैं स्पोर्ट्स ब्रा
इनर वेयर की तरह दिखने वाला चेस्ट वेस्ट या स्पोर्ट्स ब्रा के पीछे एक गहरी स्पोर्ट्स साइंस है. इस स्पोर्ट्स ब्रा में एडवांस GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगा हुआ होता है जो खिलाड़ियों के हर मुवमेंट का डेटा जमा करता है. इस तकनीक में एक्सेलेरोमीटर और जाइरोस्कोप जैसे माइक्रो डेटा ट्रैकिंग लगा होता है जो खिलाड़ियों के बारे में जानकारी देता है कि वह कितनी तेजी से दौड़ रहा है, कितनी जल्दी मुड़ रहा है या कितनी जल्दी अपनी रफ्तार पकड़ रहा है.
इसके अलावा इस डिवाइस से खिलाड़ियों के वर्कलोड को भी मैनेज किया जाता है. क्रिकेट और फुटबॉल में खिलाड़ियों को चोट लगने की संभावना बहुत ज्यादा होती है. ऐसे में ये डिवाइस ट्रैक करता है कि कोई खिलाड़ी ओवर ट्रेनिंग तो नहीं कर रहा है या अचानक किसी प्लेयर पर ज्यादा दबाव तो नहीं पड़ रहा है. उसकी टॉप स्पीड क्या थी और उसने कितनी बार हाई-इंटेनसिटी दौड़ लगाई. इस डेटा के माध्यम से कोच खिलाड़ियों के बारे में ये पता लगाते हैं कि किसे आराम की जरूर है और किसे नहीं.
चोट से रिकवरी में भी मिलती है मदद
कुल मिलाकर कहें तो ये एथलीटों के लिए एक तरह से डिजिटल रिपोर्ट कार्ड की तरह है. इससे कोच और ट्रेनर को ये पता लगाने में मदद मिलती है कि उसका कौन सा खिलाड़ी बेस्ट मोड में है, जिसे वह मैदान पर मैच के लिए उतार सके. इसके साथ ही अगर कोई खिलाड़ी चोट से उबर रहा है तो रोजाना के ट्रैकिंग से उसके बारे में सटीक पता लग जाता है कि वह कब तक फिट होगा और उसकी रिकवरी कैसी हो रही है. यही कारण है कि आज के मॉर्डन डे स्पोर्ट्स में इस तरह के स्पोर्ट्स ब्रा जैसे दिखने वाले इनर वेयर की बहुत ज्यादा महत्व है.



