
देश में एलपीजी (LPG) शॉर्टेज से जुड़ी चिंताओं के बीच हर व्यक्ति को यही डर है कि कहीं जरूरत पड़ने पर उन्हें सिलेंडर मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो। बहुत से लोगों के मन में भ्रम है कि एलपीजी e-KYC मैंडेट की वजह से गैस कनेक्शन रोका जा सकता है। अगर आपके मन में इसी तरह का डर है तो यह जानकारी आपके लिए और भी जरूरी हो जाती है।
e-KYC क्या है और क्या यह अनिवार्य है?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) मुख्य रूप से सब्सिडी में पारदर्शिता लाने के लिए किया जा रहा है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सब्सिडी का लाभ सीधे सही लाभार्थी तक पहुंचे। वहीं, अगर आप गैस सब्सिडी (subsidy) का लाभ नहीं ले रहे हैं, तो आपका गैस सिलेंडर या कनेक्शन नहीं रोका जाएगा। सब्सिडी चाहने वाले ग्राहकों के लिए ही सत्यापन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।
स्कैमर्स के जाल में न फंसे
स्कैमर्स इस सरकारी निर्देश का फायदा उठाकर लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। वे वॉट्सऐप (WhatsApp) पर मैसेज भेजकर दावा कर रहे हैं कि अगर आपने अपने गैस कनेक्शन को लेकर जानकारियों को अपडेट नहीं किया तो आपका गैस कनेक्शन तुरंत काट दिया जाएगा। स्कैमर्स एलपीजी ग्राहकों को मैसेज के साथ फेक APK फाइल्स या फिशिंग लिंक्स (Phishing links) भेज रहे हैं। जैसे ही आप इन लिंक्स पर क्लिक करते हैं या ऐप डाउनलोड करते हैं, आपके फोन का कंट्रोल स्कैमर के पास जा सकता है, जिससे आपका बैंक खाता खाली हो सकता है।
सुरक्षित रहने के 3 गोल्डन टिप्स
केंद्र की ओर से ग्राहकों को सिक्योरिटी और स्कैम में फर्क समझने के लिए 3 गोल्डन टिप्स दी गई हैं। अपनी सुरक्षा को लेकर आपको इन 3 गोल्डन टिप्स को फॉलो करना है-
खुद करें वेरिफिकेशन: e-KYC के लिए किसी अनजान लिंक पर भरोसा न करें। आप इसे सुरक्षित रूप से आधिकारिक वेबसाइट MyLPG.in पर जाकर अपने आधार और ओटीपी (OTP) के जरिए खुद कर सकते हैं।
एजेंसी कभी नहीं मांगती OTP: यह बात गांठ बांध लें कि कोई भी गैस एजेंसी या अधिकारी आपसे फोन कॉल पर ओटीपी (OTP) या आपके डेबिट/क्रेडिट कार्ड का CVV नंबर कभी नहीं मांगेगा। अगर कोई ऐसा करता है, तो वह निश्चित रूप से एक स्कैमर है।
परिवार को जागरूक करें:अपने घर के बुजुर्गों और घरेलू सहायकों को इस बारे में जरूर बताएं, क्योंकि स्कैमर्स अक्सर उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो तकनीकी रूप से ज्यादा जागरूक नहीं हैं।




