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पुलिस कर्मचारियों को सरकार ने दिया झुनझुना आम आदमी पार्टी

 

बलौदा बाजार-भाटापारा– पुलिस कर्मचारियों के विगत 15 साल से चले आ रहे संघर्ष और मांग के संबंध में आम आदमी पार्टी जिला बलौदा बाजार-भाटापारा छःग जिलाध्यक्ष श्री भुनेश्वर सिंह डहरिया ने बताया कि जब 2003 से लगातार तीन बार भाजपा की सरकार रही, समय के साथ हर विभाग के वेतन , भत्ता के साथ ब्यवस्था और सुविधा तथा कार्यशैली में परिवर्तन हुआ। लेकिन पुलिस कर्मचारियों (आरक्षक से निरीक्षक तक) परिवर्तन और सुविधा पर कोई पहल और प्रयास नहीं किया गया। जिसका परिणाम यह हुआ कि पुलिस जैसे अनुशासित विभाग के परिवार को सड़क पर आकर, धरना प्रदर्शन कर अपने पति, पुत्र, भाई, बेटा के लिए वेतन, भत्ता और सुविधा में वृद्धि करने का मांग करना पड़ा, पुलिस जैसे अनुशासित विभाग के परिवार को सडक पर आना भाजपा सरकार के लिए सबसे शर्मनाक पल था, तत्कालीन सरकार द्वारा पुलिस कर्मचारियों का वेतन भत्ता में बृद्धि तो नहीं किया गया लेकिन जिनके परिवार ने मुखर होकर आंदोलन किया उनके पति, पिता, भाई को सस्पेंड और बर्खास्त किया गया, जेल तक भेजा गया और समिति बनाकर अंत में साप्ताहिक अवकाश देने का घोषणा किया गया, लेकिन पुलिस कर्मचारियों को अवकाश का कोई लाभ नहीं मिला, इस दौरान कांग्रेस पार्टी पुलिस कर्मचारियों के वेतन भत्ता की बढ़ोतरी की मांग का समर्थन कर रहे थे। भाजपा के बाद कांग्रेस की सरकार आयी, पुलिस परिवार को फिर से अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरना पड़ा, कांग्रेस सरकार ने भी पुलिस कर्मचारियों को के लिए कुछ भी नहीं किया बल्कि भाजपा के नक्शे कदम पर चलते हुए धरना प्रदर्शन और माग करने वाले के पति, पिता, पुत्र को सस्पेंड, बर्खास्त कर जेल भेजने का काम किया गया, और कर्मचारियों के लिए सप्ताहिक अवकाश अनिवार्य करने का आदेश विभाग द्वारा जारी किया गया, जिसका हकीकत कर्मचारियों को झुनझुना थमाने जैसा था, मतलब अवकाश सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गया, इस दौरान भाजपा ने पुलिस कर्मचारियों के वेतन भत्ता की बढ़ोतरी के मांग का समर्थन किया। आज फिर से भाजपा की सरकार है, पुलिस कर्मचारियों को सप्ताहिक अवकाश का कोई लाभ नहीं मिल रहा है, इस प्रकार भाजपा और कांग्रेस दोनों ही सरकार छत्तीसगढ़ में पुलिस कर्मचारियों को वादा कर वेतन भत्ता की बढ़ोतरी तो दुर सप्ताहिक अवकाश भी लागू नहीं कर पाए, हर विधानसभा सत्र में विपक्ष में रहने वाली पार्टी पुलिस कर्मचारियों के मुद्दे को हमदर्दी दिखाने के लिए उठाते हैं, लेकिन सरकार में आने के बाद आंख फेरकर , मुंह बंद कर लेते हैं। पुलिस कर्मचारियों के मांगों को लेकर आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ स्तर पर पुलिस परिवार के मांगों को लेकर विधायक सभा सत्र के दौरान कोई बड़ा पहल करने पर विचार कर रही है ।

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